80’s का वो दौर… जब Shabbir Kumar की आवाज़ हर दिल पर राज करती थी, और Jackie Shroff नए-नए superstar बनकर उभर रहे थे। जब ये दोनों मिले… तो बना एक ऐसा musical connection जिसने Bollywood को कई यादगार गाने दिए।
तेरी मेहरबानियाँ (1985)
- तेरी मेहरबानियाँ – शब्बीर कुमार
- दिल बेकरार था दिल बेकरार है – शब्बीर कुमार, अनुराधा पौडवाल
- आंचल उड़ाया मैंने – शब्बीर कुमार, कविता कृष्णमूर्ति
अल्लाह रखा (1986)
- ना अमर ना अकबर ना मैं एंथनी – शब्बीर कुमार
जवाब हम देंगे (1987)
- हैरान हूँ मैं आपकी नज़रों को देखकर – शब्बीर कुमार
- तेरी आँख मस्तानी है – शब्बीर कुमार
कुदरत का कानून (1987)
- तुझे इतना प्यार करूँ – शब्बीर कुमार
- तुझे इतना प्यार करूँ (सैड) – शब्बीर कुमार
मैं तेरा दुश्मन (1989)
- जिन्हें चाहिए दौलत रब्बा – शब्बीर कुमार, अनुराधा पौडवाल
- सारे जहाँ के सामने – शब्बीर कुमार, अलका याज्ञनिक
काला बाज़ार (1989)
- आला रे आला गोविंदा आला – अमित कुमार, शब्बीर कुमार, साधना सरगम
दूध का कर्ज (1990)
- रास्ता तो मिल गया है – शब्बीर कुमार
इज़्ज़त (1991)
- इज़्ज़त से जीना – शब्बीर कुमार
- इज़्ज़त से जीना (संस्करण 2) – शब्बीर कुमार, कविता कृष्णमूर्ति, श्रद्धा अग्रवाल, पद्मा मेनन
- इज़्ज़त से जीना (संस्करण 3) – शब्बीर कुमार
पुलिस ऑफिसर (1992)
- मौत का फरिश्ता हूँ – शब्बीर कुमार
Shabbir Kumar ने Jackie Shroff के लिए अपनी आवाज़ दी। 80 के दशक के अंत तक ये जोड़ी लगातार सुनाई दी, और 90 के दशक में बदलते म्यूज़िक ट्रेंड के साथ यह साथ कम होता गया…लेकिन आज भी ये गाने सुनते ही 80’s का सुनहरा दौर याद आ जाता है!
