
नमस्कार किस सिनेमा के में आप सबका फिर से स्वागत है। आज मैं लेकर आया हूं एक क्लासिक गीत का दिलचस्प किस्सा। दोस्तों एसडी बर्मन 50, 60 और 70 के दशक के बड़ी ही मशहूर संगीतकार रहे हैं। और उस समय के जितने भी बेहतरीन फिल्में थी उसके म्यूजिक एसडी बर्मन के झोली में जाता था। हुआ यह था कि एक बड़ी ही मशहूर फिल्म बन रही थी और उस फिल्म में एसडी बर्मन म्यूजिक कर रहे थे और गीत लिख रहे थे शैलेंद्र। किस्सा यह है कि गीत शैलेंद्र ने लिखा नहीं और सेट पर शूटिंग के लिए डायरेक्टर अपनी टीम लेकर पहुंच गया और वहां से बार-बार इसलिए बर्मन को कॉल आ रहा है कि बर्मनंदा अभी तक गीत नहीं मिला और यह शैलेंद्र का पीछा कर रहे हैं कि शैलेंद्र गीत लिखकर दे दो। शैलेंद्र जल्दी से गीत बना दो। लेकिन शैलेंद्र उस समय इतने बिजी थे, इतने व्यस्त थे कि वो कई फिल्मों का छहछ सात-सात फिल्मों का गीत एक साथ लिख रहे थे। तो वो हमेशा टाल रहे थे। उसके बाद हुआ यह कि बर्मन दा ने एक उपाय निकाला और [नाक से की जाने वाली आवाज़] उपाय यह था कि शैलेंद्र को घर पर बुलाया जाए और उसे मच्छी खिलाया जाए। क्योंकि शैलेंद्र को मच्छी बहुत ही प्यारा था।
उनको मच्छी भात बहुत ही अच्छा लगता था क्योंकि शैलेंद्र को मासभात से बहुत प्यार था। बर्मन दा के कहने पर शैलेंद्र उनके घर पहुंचते हैं और शैलेंद्र को वह अपने पहली मंजिल पर लेकर जाते हैं। एक कमरे में उनको बिठाते हैं और उनके सामने दारू का बोतल रख देते हैं। गिलास रख देते हैं और फ्राइड की हुई मच्छी जो है आती है और शैलेंद्र को कहते हैं कि तुम खाओ और मैं थोड़ी देर में आता हूं। और शैलेंद्र पैक बनाकर खाना शुरू करते हैं। तब तक से बर्मनंदा दरवाजा बंद कर देते हैं और बोलते हैं कि शैलेंद्र यह दरवाजा तभी खुलेगा जब तू गीत लिखकर बाहर निकलेगा। नहीं तो तुझे रात हो सुबह हो जाए और सारा जो है तुमको जो भी करना होगा इसी कमरे में करना है। तुमको मैं बाहर नहीं आने दूंगा। अब शैलेंद्र जो है पैग पीना शुरू करते हैं और मच्छी खाना शुरू करते हैं। उसी समय राग झिन झोटी पर जो धुन बनाया था हमारे बर्मन दा ने वो राग झिन झोटी का धुन जो है गुनगुनाते हैं शैलेंद्र और उसके बाद वहीं पर पेपर पेन लेकर और लिखना शुरू करते हैं। वो लिख रहे हैं और बर्मन दा बार-बार खिड़की से झांक रहे हैं और गरम-गरम मच्छी जो है खिड़की से पास कर रहे हैं। खाते रहो और लिखते रहो। और उसके बाद 1ढ़ घंटे बाद जैसे ही पैक खत्म होता है, मच्छी खत्म होती है, इधर गीत इनका कंप्लीट होता है और वो गीत बरमंदा को देते हैं और बोलते हैं कि आप लता को बुला के रिकॉर्ड करा लीजिए। दोस्तों, उस फिल्म का नाम था गाइड और वो गाना था मुंह से छल किए जाए सया बेईमान।
