
हेलो दोस्तों, मैं हूं रैफी और आप देख रहे हैं फिल्मी सफर फॉर यू। आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे बॉलीवुड के उन गानों के बारे में जिन्होंने रिलीज होने के बाद सेंसर बोर्ड को परेशान कर दिया था। और जिन्होंने भी ये गाने सुने, कुछ लोगों ने मजा लिया, कुछ लोग इसको व्गर कहते थे, कुछ उनको गंदे गाने बोलते थे और कुछ लुच्चे, लफंगे पता नहीं क्या-क्या नाम इन गानों को दिया, लेकिन सुना सबने था। क्योंकि ये गाने थे तो मजेदार लेकिन उस समय फैमिली ऑडियंस के लिए यह गाने बड़े ही सुनने में अजीब से लगते थे। मतलब फैमिली के साथ आप ये गाने सुन नहीं सकते। फैमिली के साथ आप ये गाने देख नहीं सकते। तो जब यह नहीं ऐसा हो सकता था तो फिर प्रोड्यूसर को इन गानों को अपनी फिल्मों में रखने की क्या जरूरत थी? रीजन था पैसा कमाना। लोगों को लगता था कि इस तरह के गाने जो है पब्लिक को और यंगस्टर नौजवानों को थिएटर तक खींच कर लेकर आएंगे और हुआ भी ऐसा। कई फिल्मों के गाने इतने सुपरडुपर हिट हुए कि उन्होंने उन गानों को सुनने और देखने के लिए सिनेमा हॉल तक लाइन लगा दी और वो फिल्में कहानी अच्छी हो या ना हो लेकिन इस गाने के लिए फिल्म सुपरडुपर हिट हो गई। कुछ फिल्में पहले से ही सुपरहिट थी तो उनके गाने भी ऐसे निकल गए। आज के इस वीडियो में डबल मीनिंग का हम किस्सा उठाएंगे कि आखिर डबल मीनिंग के गाने कौन सी फिल्म में थे और किसने इसको अपनी आवाज दी थी।
बॉलीवुड के जितने भी गाने हैं उनमें से हमने 12 गानों की लिस्ट बनाई है जो डबल मीनिंग के नाम पर काफी फेमस रहे हैं। आइए देखते हैं कि लास्ट यानी नंबर 12 पर है कौन सा गाना। दिन को लेती है, रात को लेती है, सुबह को लेती है, शाम को लेती है। फिल्म थी अमानत और आप देखकर हैरान रह जाएंगे कि इसको जो आवाज दी है वो दी है कुमार सानू और अलका यानिक और इलाण जैसे महान सिंगरों ने। इसके बाद नंबर 11 पर है सुभाष घई की सुपरडुपर हिट फिल्म खलायक का गाना। चोली के पीछे क्या है? और इसको देखो आवाज दी है दो महान सिंगरों ने इला अरुण और अलका याग्निक ने। यह गाना उस समय का सबसे पॉपुलर और बदनाम गाना था। सेंसर बोर्ड इस गाने को हटाने के लिए एकदम तैयार था। लेकिन सुभाष घई नहीं माने और उन्होंने इस दलील को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट की रजामंदी के बाद इस गाने को वापस रिलीज किया गया। नंबर 10 पर है दादा कोड़के साहब का गाना। पेट्रोल डालूं या कुएं का पानी 86 में रिलीज हुई थी दोस्तों तेरे घड़े में , नंबर नौ पर है राजा बाबू का सुपरहिट गाना सरखाई लो खटिया जाड़ा लगे जिसको आवाज दी थी कुमार सानू और पूर्णिमा ने दोस्तों ये गाना भी रिलीज के बाद काफी सुर्खियों में था जब यह गाना रिलीज किया गया था। उस गाने के हिसाब से यह गाना काफी डबल मीनिंग था। लोग काफी लोगों ने मांग उठाई कि इस गाने को बैन किया जाए। किसी ना किसी कारणवश यह गाना भी मार्केट में आया और इतना मुकाम हासिल किया इस गाने ने कि इस फिल्म के सारे गाने एक तरफ और यह गाना एक तरफ। और यह गाना डबल मीनिंग के हिसाब से नंबर नौ के पायदान पर आज भी है। नंबर आठ पर है सैफली खान का गाना। मैं लाया हूं चूहा अपना। कहां है तेरी उई ओई ओई जिसको आवाज दी है सुपरस्टार सिंगर उदित नारायण ने फिल्म थी यार गद्दार इसके बाद नंबर सात के पायदान पर है अनिल कपूर जी चावला का गाना मैं मालगाड़ी तू धक्का लगा जिसको आवाज दी थी विनोद राठौर और कविता कृष्णमूर्ति ने फिल्म थी अंदाज इसके बाद नंबर छह के पायदान पर है चीता फिल्म का गाना जिसको ईला अरुण और अलका यंगिक ने अपनी आवाज दी है। यह गाना था चुचू चू चुचू चू चुचू दोस्तों ये गाना भी काफी फेमस और बदनाम हुआ था। इस फिल्म के अंदर एक यह गाना था जिसको सुनने के लिए पब्लिक सिनेमाघर तक दौड़ती चली आई। वैसे तो मिथुन का दौर भी उस समय ऐसा था कि मिथुन की ऑडियंस को मिथुन की फिल्म गाने सारे अच्छे लगते थे। लेकिन ये वो गाना था जो इस फिल्म में सोने पे सुहागा साबित हुआ। नंबर पांच पर है तेरी ले लेगी तू लिख के ले इसके बाद नंबर चार पर है रोहित रॉय का बम ब्लास्ट का गाना गाने के बोल हैं लेना है लेना है दिल तेरा लेना है वैसे तो रोहित रॉय कहीं भी किसी रैंक में नंबर चार पर नहीं आए लेकिन उनका का गाना यह हमेशा नंबर चार पर रहा है अभी तक और वो उस समय चले या ना चले लेकिन यह गाना बहुत चला था। फिल्म थी बम ब्लास्ट और बम ब्लास्ट में दो ही गाने फेमस थे। एक मोहम्मद जीस का गाना मुझे जीने नहीं देती है याद तेरी और दूसरा ये लेना है लेना है। और नंबर तीन के पायदान पर है मोहम्मद अजीज का सुपरहिट गाना फिल्म थी मैं हूं शेरनी जिसको आवाज दी थी कविता कृष्णमूर्ति और मोहम्मद अजीज ने गाने के बोल थे आ बैठ मेरे घोड़े पे , नंबर दो पर था फिल्म अंदाज का गाना खड़ा है खड़ा है खड़ा है जिसको आवाज दी थी विनोद राठौर और साधना सरगम ने और यह गाना भी दोस्तों काफी बदनाम हुआ लेकिन हिट भी उतना ही हुआ आइए सुनते हैं नंबर दो पे रहने वाले इस गाने की कुछ बडिंग खड़ा है खड़ा है खड़ा है दर पे तेरे आशिक खड़ा और डबल मीनिंग के मामले में नंबर वन के पायदान पर है एक ऐसी फिल्म का गाना जो इन सब गानों से पहले रिलीज़ हुआ था। यानी पहला डबल मीनिंग गाना था जिसने पूरा रिकॉर्ड बनाया था कि भैया यह गाना तब से लेकर आज तक कभी भी नंबर दो की तीसरे की चौथे की रैंक पर आया ही नहीं। यह पिछले 30-40 सालों से नंबर वन की रैंक पर है। तो दोस्तों, नंबर वन का गाना है फिल्म तेरे मेरे बीच का और स्टार कास्ट थी दादा कोड़ के साहब और उनके बारे में तो सभी जानते हैं कि जब तक उनकी फिल्मों में डबल मीनिंग ना हो तब तक उनकी फिल्म हिट नहीं होती थी। तो फिर गाने कैसे बज सकते थे? उसी के तर्ज पर इन्होंने यह पहला डबल मीनिंग गाना बनाया था जो उस समय का सुपरडुपर हिट है और हमेशा डबल मीनिंग के मामले में यह नंबर वन पर रहा है। आइए सुनते हैं वो डबल मीनिंग गाना जो नंबर वन की रैंक पर है जिसको आवाज दी थी महेंद्र कपूर और उषा मंगेशकर जी ने। तेरी ले लूं बाहें बाह में डालूं । तो दोस्तों, यह है वो गानों की लिस्ट जो सबसे ज्यादा बदनाम है, सबसे ज्यादा फेमस है और सबसे ज्यादा हिट भी हैं। आपको इन गानों में से कौन सा गाना सबसे अच्छा लगता है और कौन सा आपको व्गर लगता है हमें कमेंट में जरूर बताएं।
