Aankhen Review

हेलो दोस्तों, मैं हूं रैफी और आप देख रहे हैं filmysafar4u. आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे डेविड धवन की सुपरहिट फिल्म आंखें के बारे में। 9 अप्रैल 1993 को ही डेविड दमन, गोविंदा और chanki पांडे की फिल्म आंखें रिलीज हुई थी। इस फिल्म के प्रोड्यूसर थे Pehlaaj Nehlani साहब। प्रलानी आखिर फिल्म से पहले गोविंदा के साथ शोला और शबनम भी बना चुके थे। इस फिल्म के डायरेक्टर थे डेविड धवन साहब और यह डेविड धवन की गोविंदा के साथ चौथी फिल्म थी। इससे पहले 1989 में ताकतवर, 90 में स्वर्ग, 92 में शो और शबनम और 93 में आंखें बना चुके थे। इसी के बाद डेविड धवन और गोविंदा ने मिलकर बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में दी हैं और कई नंबर वन फिल्में भी दी हैं। जैसे coolie नंबर वन, हीरो नंबर वन, साजन चले ससुराल और कई सारी सुपर डुपर हिट फिल्में भी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने हमें दी है। इस फिल्म का म्यूजिक दिया था बप्पी लहरी साहब ने और इस फिल्म में टोटल पांच गाने थे जो सब के सब सुपर डुपर हिट हुए थे। इस फिल्म का पहला गाना था “ओ लाल दुपट्टे वाली तेरा नाम तो बता” इस गाने को लिखा था indeevar साहब ने और आवाज थी कुमार सानू सुदेश घोसले कविता कृष्णमूरति और अलका yaagnik. इस फिल्म का दूसरा गाना था “अंगना में बाबा दुारे पे मा” इस गाने को भी इंदवर साहब ने लिखा था कंपोज किया था बप्पी लहरी साहब ने और गाने को आवाज दी थी कुमार सानू और साधना सरगम ne. इस फिल्म का एक गाना था “चौखट पे तुम्हारी हम दम तोड़ जाएंगे” जिसको आवाज दी थी कुमार सानू मोहम्मद अजीज और सपना मुखर्जी ने. इस फिल्म का अगला गाना था “बड़े काम का बंदर” . इस गाने में आवाज थी कुमार” सानू मोहम्मद aziz साहब और अरुण बक्शी साहब ki. और साथ में गोविंदा और chanki पांडे ने भी अपनी आवाज दी थी। इस फिल्म का आखिरी गाना था “एक तमन्ना जीवन की मैं प्यार तेरा ही पाऊं” जिसको आवाज दी थी कुमार सानू और आशा भोसले साहब ने। तुझ से हो मेरी चाहे शादी में दिल मर जाऊं। इस फिल्म के सभी के सभी गाने सुपर डुपर हिट हुए थे। हर गली मोहल्ले में शादी ब्याहों में इस फिल्म के गाने सुनाई देते थे। आलम तो यह है कि आज भी जहां तहां इस फिल्म के गाने आपको सुनने को मिल जाएंगे और वही आप 90’s के दौर में वापस पहुंच जाएंगे। कमाई के मामले में 1993 में यह फिल्म सुपरडुपर हिट थी और नंबर वन की रैंकिंग में थी। इस फिल्म का टोटल बजट था ₹1 करोड़ 90 लाख और फिल्म ने ₹27 करोड़ से लेकर 30 करोड़ तक का बिजनेस किया था। इस लिहाज से यह 93 में नंबर वन पर रहने वाली फिल्म थी।

उसी साल नंबर दो पर थी सुभाष घई की फिल्म खलनायक जिसने 24 करोड़ का बिजनेस किया था और नंबर तीन पर थी यश चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म डर जिसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन था ₹1 करोड़। इस लिहाज से यह उस समय की नंबर वन फिल्म थी। इस फिल्म में दो फीमेल लीड एक्ट्रेस ने भी डेब्यू किया था। पहली थी ऋतू शिवपुरी जो एक्टर ओम शिवपुरी और सुधा शिवपुरी की बेटी हैं। यह उनकी डेब्यू फिल्म थी और डेब्यू फिल्म से ही वो सुपरडुपर हिट फिल्म की हीरोइन बन गई थी।. इस फिल्म की दूसरी आर्टिस्ट थी राेश्वरी। लेकिन इस फिल्म के सुपरडुपर हिट होने के बाद भी इन दोनों हीरोइनों को काम बा मुश्किल ही मिला। सुनने में आता है कि सबसे पहले राेश्वरी वाला रोल दिव्या भारती को ऑफर हुआ था। लेकिन दिव्या भारती ने जब रोल सुना तो chanki पांडे के अपोजिट ना होकर गोविंदा के अपोजिट काम करना चाहती थी। लेकिन डेविड धवन और प्रैलाज निलानी पहले ही यह रोल ऋतू Shivpuri को दे चुके थे। लेकिन दिव्या भारती के पास भी काम की कमी नहीं थी। इसलिए उन्होंने इस फिल्म को रिजेक्ट कर दिया क्योंकि वह कैसे भी करके chanki पांडे के अपोजिट काम नहीं करना चाहती थी। इसका रीजन था chanki पांडे का ढलता करियर। कहते हैं कि आके फिल्म कन्नड़ फिल्म किट्टू पिट्टू का रिमेक थी। लेकिन ऐसा नहीं था क्योंकि किट्टू पिट्टू भी एक तमिल फिल्म की रिमेक थी जिसका नाम था अनुभवी राजा अनुभवी और यही एक ओरिजिनल कांसेप्ट था। तमिल फिल्म के बाद इसको हिंदी में बनाया गया। फिल्म का नाम था दो फूल जिसमें kadar खान का रोल निभाया था अशोक कुमार ने। गोविंदा chanki पांडे का रोल निभाया था महमूद और विनोद मेहरा ने। उसी को ध्यान में रखकर अनीस बज्मी और डेविड धवन ने एक फिल्म का निर्माण किया जिसका नाम था aankhein । इस फिल्म के बाद गोविंदा chanki पांडे की जोड़ी सुपरहिट हो गई और ऐसा लगता था कि गोविंदा चंगी पांडे के साथ सभी लोग काम करना चाहते हैं। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इस फिल्म के बाद इन दोनों की जितनी भी फिल्में साइन हुई थी वो शूट ही नहीं हुई या फिर बंद हो गई। इस फिल्म के बाद गोविंदा का करियर एक ऊंचे स्थान पर आ गया। लेकिन chanki पांडे को वो कामयाबी नहीं मिली जो गोविंदा को कामयाबी मिली। एक्शन हीरो के तौर पर अजय देवगन, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी ने एक अलग मुकाम बनाके रखा था और रोमांटिक हीरो के लिए आमिर खान, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार फिल्म इंडस्ट्री में आ चुके थे। ऐसे में चंगी पांडे टेंशन में आ गए कि वो एक्शन कर नहीं सकते। चॉकलेटी वो रहे नहीं तो ऐसे क्या किया जाए ? इस बात से परेशान होकर chanki पांडे ने बॉलीवुड को कुछ समय के लिए अलविदा कह दिया और बंगाल की फिल्मों में अपना करियर बनाया। बंगाल की फिल्मों में chanki पांडे ने वह सारा मुकाम हासिल कर लिया जो वह बॉलीवुड में हासिल नहीं कर पाते थे। कहते हैं कि चंगी पांडे बंगाल के अमिताभ बच्चन है। इस फिल्म को उस साल चार कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया था। पहली कैटेगरी थी बेस्ट फिल्म। दूसरी कैटेगरी थी बेस्ट डायरेक्टर। तीसरी कैटेगरी थी बेस्ट कॉमिक कैरेक्टर और इस फिल्म की चौथी थी बेस्ट एक्टर। लेकिन उस साल इस फिल्म ने एक भी अवार्ड नहीं जीता। उसी साल बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला था “हम है राही प्यार के” जो थी महेश भट्ट साहब की। इसके बाद बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला था राजकुमार संतोषी साहब को। उनकी फिल्म दामिनी के लिए। बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला था शाहरुख खान को फिल्म बाजीगर के लिए और बेस्ट कॉमिक रोल के लिए अनुपम खैर ने वो अवार्ड जीता था फिल्म डर के लिए। लेकिन एक भी अवार्ड ना मिल पाने के कारण भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा के रखा हुआ था। उसी जब यह फिल्म रिलीज हुई थी उसी समय बोनी कपूर की फिल्म रूप की रानी चोरों का राजा भी नेक्स्ट वीक रिलीज होने वाली थी और उस फिल्म को इतना प्रमोट किया गया कि उस समय डिस्ट्रीब्यूटर और क्रिटिक्स यह सोचते थे कि आखिर फिल्म रूप की रानी और चोरों का राजा के सामने पानी नहीं मांगेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब अगले हफ्ते यानी 16 अप्रैल 1993 को रूप की रानी चोरों का राजा फिल्म रिलीज हुई तो डिस्ट्रीब्यूटर क्रिटिक्स और ऑडियंस ने रूप की रानी चोरों का राजा को सिरे से नकार दिया। यानी यह उस समय की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म साबित हुई। उस समय रूप की रानी चोरों का राजा एक बहुत बड़े स्केल में फिल्म बनी थी। फिल्म का बजट देखकर ही लगता था कि यह फिल्म सुपरडुपर हिट होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं और उसके फ्लॉप हो जाने का फायदा हुआ फिल्म आंखें को। यानी जिन लोगों का दिमाग खराब हुआ रूप की रानी चोरों का राजा देखने के बाद उन्होंने अपना मूड ठीक करने के लिए वापस सिनेमाघर की ओर दौड़े और फिल्म देखी उन्होंने आंखें। सर इसमें परेशान होने की क्या बात है? हम तो बोल कर भी आए हैं। अगर आज भी इस फिल्म को देखा जाए तो यह आज भी उतना ही मजा देगी जितना 1993 में देती है। इस फिल्म का हर सीन, हर गाना एक मजेदार यादगार है। अगर आपने इस फिल्म को नहीं देखा है तो एक बार आप इस फिल्म को जरूर देखें और यह फिल्म नॉर्मली YouTube पर अवेलेबल है।

“Don’t miss out—watch the full review in the video below!”