बकवास गाना कैसे बना bollywood का Superhit गाना ❤️ Lag Ja Gale Song Story_Lata Mangeshkar Song ❤️❤️

नमस्कार। किस्से सिनेमा के में लेकर हम आए हैं एक दूसरे गीत का किस्सा जो आपको बेहद ही रोचक और दिलचस्प लगेगा। हुआ यह था कि राज खोसला एक फिल्म बना रहे थे ब्लैक एंड वाइट। और ब्लैक एंड वाइट फिल्म जब उन्होंने बनाना शुरू किया तो उसमें संगीत बहुत ही उम्दा होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने उस समय के सबसे बेहतरीन संगीतकार मदन मोहन को हायर करते हैं और मदन मोहन उस समय अपने पीक पर हैं। उनका किस्मत का सितारा जो है चमक रहा होता है। मदन मोहन को वो अपने पास बुलाते हैं और कहते हैं कि मदन जी ऐसे गीत बनाने हैं। ऐसे रूहानी गीत बनाने हैं क्योंकि मेरी फिल्म की कहानी भी वैसे ही रूहानी है। मदन मोहन कहते हैं कि आप चिंता ना करें। मुझे सिचुएशन बता दें। राज खोसला उनको सिचुएशन बताते हैं और मदन मोहन साहब आकर घर पर और एक बहुत ही अच्छा पहाड़ी राग में एक गीत कंपोज करते हैं और उसके बाद राजा मेहंदी अली खान को बुलाते हैं। राजा मेहंदी अली खान उस समय के बड़े ही टॉप गीतकार हैं।

राजा मेहंदी अली खान के शब्द उस गीत पर इतनी खूबसूरती से पिरोए जाते हैं और वह लाजवाब गीत बनता है। और गीत बनने के बाद इतनी खुशी से मदन मोहन कहते हैं कि मैं आज सबसे पहले मैं जाकर खुसला साहब को सुनाऊंगा। दिन में वो खुसला साहब के यहां पहुंचते हैं और मालूम नहीं खुसला साहब का उस दिन मूड जो है वो बिगड़ा हुआ है। वो फोन पर किसी से झगड़ रहे हैं। उसी समय नौकर आकर कहता है कि मदन मोहन साहब आए हैं। खुश साहब बोलते हैं बुला लो। जैसे ही आते हैं मदन मोहन साहब बोलते हैं कि आपका एक गीत तैयार हो गया है। खोसरा साहब कहते हैं सुनाओ भाई क्या गीत है और जैसे ही वह गीत सुनाते हैं खोसरा साहब भड़क जाते हैं कि यही गीत बनाने के लिए मैंने बोला था यह वो गीत है ये वो रूहानी गीत है जिसकी मैंने आपसे चर्चा की थी यह बकवास गीत है इसको ले जाकर खार के खाड़ी में फेंक आइए और बहुत ही आहत होकर मदन मोहन साहब वहां से निकलते हैं और उनको पूरा विश्वास है कि यह गीत हिंदुस्तान के दिलों पर राज करने वाला गीत है। यह गीत जो है टॉप 10 में बनेगा बिना का के। लेकिन अब उनके पास कोई चारा नहीं है। तीन दिन बाद वो फिल्म के हीरो मनोज कुमार के पास पहुंचते हैं और बोलते हैं कि गीत मैंने बनाया है लेकिन खुसला साहब को पसंद नहीं आया। मनोज कुमार बोलते हैं गीत सुनाइए आप मुझे। जब उन्होंने गीत सुनाया तो मनोज कुमार उछल जाते हैं। बोलते हैं कि इतना बेहतरीन गीत को खुशला साहब कैसे रिजेक्ट कर सकते हैं? ये गीत तो मेरे फिल्म में होना ही चाहिए। बोले कि अब आप ही समझाइए। बोले चलिए मेरे साथ। मनोज कुमार अपना फिट निकालते हैं। उसके साथ मदद मोहन बैठते हैं और दोनों फिर राज खोसला के ऑफिस पहुंचते हैं। राज खोसला साहब बोलते हैं अरे मेरा स्टार जो है आज ऑफिस में बोले कि आपसे एक शिकायत है। क्या? बोला मदन मोहन साहब ने एक गीत बनाया है। इसको सुनिए। और मदन मोहन फिर से गीत जब सुनाते हैं तो खड़े होकर आज खुसला साहब जो है तालियां बजाने लगते हैं। मदन मोहन साहब कहते हैं कि खुसला साहब इस गीत को आप रिजेक्ट कर चुके हैं। खुसला साहब ने बोला कि मेरा दिमाग खराब था कि मैं इस गीत को रिजेक्ट करूं। बोला कि हां मैं आया था तीन दिन पहले और आपने बोला है कि इस गीत को ले जाकर खार के खाड़ी में फेंका आओ। और वो माफी मांगते हैं। बोलते हैं कि पता नहीं मेरा उस दिन मूड खराब होगा। यह गीत तो हिंदुस्तान के दिलों पर राज करेगा और वह फिल्म थी वह कौन थी और गाने का बोल था लग जा गले कि फिर हंसी रात हो ना हो.

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