Roop Tera Mastana इस लाइन के पीछे छुपी है पूरी कहानी! Anand Bakshi के दिमाग में कैसे आया ये गाना?”

नमस्कार किस्से सिनेमा के में दोस्तों आप सबका स्वागत है और जैसा कि आपको मालूम है कि मैं गीतों के नए-नए किस्से और गीत बनाने के जो नए-नए रोचक कहानियां आपके सामने मैं लेकर आ रहा हूं। आज एक नई कहानी मैं लेकर आया हूं जो जुड़ा हुआ है गीतकार आनंद बक्शी से। आनंद बख्शी नए-नए बड़े गीतकार बने हैं। उन्होंने फिएट खरीद ली है और फिएट से अपने दोस्त मिस्टर मेहता के साथ बैंड स्टैंड पर जाते हैं और बैंड स्टैंड में हल्की-हल्की बारिश हो रही होती है। ये लोग कार में बैठे हुए हैं। जैसे ही बारिश खुलती है, ये दोनों बैंड स्टैंड पर जाकर बैठ जाते हैं। वहां पर और भी लोग बैठे हुए हैं। अचानक से एक खूबसूरत सी लड़की सामने से चली आ रही है और बैंड स्टेशन पर बैठे हुए जितने भी लोग हैं उस खूबसूरत महिला को देखने लगते हैं। वो लड़की किसी की तरफ आंखें उठाकर नहीं देखती। वो एक टैक्सी का इंतजार कर रही है और लोग जो है कमेंट मारना शुरू करते हैं कि ओहो क्या खूबसूरती है। आहा क्या रूप है। आहा क्या जवानी है। इस तरह के कमेंट आनंद बक्शी के कानों में आने लगते हैं। तभी एक टैक्सी आकर रुकती है और वो खूबसूरत लड़की उस टैक्सी में बैठती है और टैक्सी चली जाती है। कुछ देर बाद आनंद बक्शी अपने दोस्त से कहते हैं कि अब चला जाए। दोनों फीट में बैठते हैं और उस समय अनंत बखशी शांता क्रूज में रहा करते थे।

शांता क्रोज पहुंचने से पहले एक बरगद के पेड़ के पास वह गाड़ी अपनी खड़ी करते हैं और बोलते हैं कि मेहता यार एक गीत आ रहा है उस लड़की को देखकर और थोड़ी देर रुको मैं अभी लिख लूं नहीं तो फिर वो मुखड़ा और एक अंतरा चला जाएगा और वो मुखड़ा लिखते हैं और दूसरा अंतरा भी लिखते हैं और वो दोनों जो है अपने दोस्त को सुनाते हैं। तो उनको बड़ा पसंद आता है।बोले यार तूने तो फटाफट कविता बना दी। बोला कि हां ठीक एक साल बाद आनंद बक्शी की लिखी हुई फिल्म रिलीज होती है जिसमें उन्होंने गाने लिखे हैं और उसमें मेहता को बुलाते हैं और बोलते हैं कि चलो सिनेमा देखते हैं। लूडो सिनेमा उस समय जूहू में हुआ करता था और वहां पर ये लोग फिल्म देखने के लिए जाते हैं। मिस्टर मेहता जब वो फिल्म देखते हैं तो दंग रह जाते हैं। बोलते कि यह तो वही गीत है जो तुम ब्रांड नेशन में लड़की को देखकर तुमने लिखा था उस बरगद के पेड़ के नीचे। बोला कि हां वही गीत है। तो दोस्तों वो फिल्म थी आराधना और वो गीत था रूप तेरा मस्ताना। किशोर कुमार का सुपरहिट गीत और उससे राजेश खन्ना सुपरस्टार बन जाते हैं। और यहां से आनंद बक्शी की भी गाड़ी बहुत तेजी से भागने लगती है।

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